।।षोडशीत्रिपुरसुंदरी_स्तोत्र।।

।।षोडशीत्रिपुरसुंदरी_स्तोत्र।।

(सम्पुटित कल्याणवृष्टिस्तवः)
ॐ श्रीं श्रीविद्यायै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं सर्व काम्य सिद्धि त्रिपुरसुंदर्यै फट्।
ॐ भगवति त्रिपुरसुंदरी मम् सर्वकार्य सिद्बिम् देही देही नमः।

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।

ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महात्रिपुरसुन्दर्यै नमः।
ॐ ह्रीं राजराजेश्वर्यै नमः

~ (षोडशी त्रिपुरसुंदरी स्तोत्र)~
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।

कल्याणवृष्टिभिरिवामृतपूरिताभि-
र्लक्ष्मीस्वयंवरणमङ्गलदीपिकाभिः ।
सेवाभिरम्ब तव पादसरोजमूले
नाकारि किं मनसि भाग्यवतां जनानाम्॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।१।।
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ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।

एतावदेव जननि स्पृहणीयमास्ते
त्वद्वन्दनेषु सलिलस्थगिते च नेत्रे ।
सान्निध्यमुद्यदरुणायुतसोदरस्य
त्वद्विग्रहस्य परया सुधयाप्लुतस्य ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।२।।
***********************
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।

ईशात्वनामकलुषाः कति वा न सन्ति
ब्रह्मादयः प्रतिभवं प्रलयाभिभूताः ।
एकः स एव जननि स्थिरसिद्धिरास्ते
यः पादयोस्तव सकृत्प्रणतिं करोति ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।३।।
***************"****"*******
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ

लब्ध्वा सकृत्त्रिपुरसुन्दरि तावकीनं
कारुण्यकन्दलितकान्तिभरं कटाक्षम् ।
कन्दर्पकोटिसुभगास्त्वयि भक्तिभाजः
संमोहयन्ति तरुणीर्भुवनत्रयेऽपि ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।

ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।४।।
******************************
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।

ह्रींकारमेव तव नाम गृणन्ति वेदा
मातस्त्रिकोणनिलये त्रिपुरे त्रिनेत्रे ।
त्वत्संस्मृतौ यमभटाभिभवं विहाय
दीव्यन्ति नन्दनवने सह लोकपालैः ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।५।।
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ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।

हन्तुः पुरामधिगलं परिपीयमानः
क्रूरः कथं न भविता गरलस्यवेगः ।
नाश्वासनाय यदि मातरिदं तवार्धं
देवस्य शश्वदमृताप्लुतशीतलस्य ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।६।।
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ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ

सर्वज्ञतां सदसि वाक्पटुतां प्रसूते
देवि त्वदङ्घ्रिसरसीरुहयोः प्रणामः ।
किं च स्फुरन्मुकुटमुज्ज्वलमातपत्रं
द्वे चामरे च महतीं वसुधां ददाति ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।७।।
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ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ

कल्पद्रुमैरभिमतप्रतिपादनेषु
कारुण्यवारिधिभिरम्ब भवत्कटाक्षैः ।
आलोकय त्रिपुरसुन्दरि मामनाथं
त्वय्येव भक्तिभरितं त्वयि बद्धतृष्णम् ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।८।।
*******************************
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।

हन्तेतरेष्वपि मनांसि निधाय चान्ये
भक्तिं वहन्ति किल पामरदैवतेषु ।
त्वामेव देवि मनसा समनुस्मरामि
त्वामेव नौमि शरणं जननि त्वमेव ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।९।।
*******************************
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।

लक्ष्येषु सत्स्वपि कटाक्षनिरीक्षणाना-
मालोकय त्रिपुरसुन्दरि मां कदाचित् ।
नूनं मया तु सदृशः करुणैकपात्रं
जातो जनिष्यति जनो न च जायते वा ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।१०।।
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ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।

ह्रींह्रीमिति प्रतिदिनं जपतां तवाख्यां
किं नाम दुर्लभमिहत्रिपुराधिवासे ।
मालाकिरीटमदवारणमाननीया
तान्सेवते वसुमती स्वयमेव लक्ष्मीः ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।११।।

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ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ

सम्पत्कराणि सकलेन्द्रियनन्दनानि
साम्राज्यदाननिरतानि सरोरुहाक्षि ।
त्वद्वन्दनानि दुरिताहरणोद्यतानि
मामेव मातरनिशं कलयन्तु नान्यम् ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।१२।।
********************"*******

ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ

कल्पोपसंहृतिषु कल्पितताण्डवस्य
देवस्य खण्डपरशोः परभैरवस्य ।
पाशाङ्कुशैक्षवशरासनपुष्पबाणा
सा साक्षिणी विजयते तव मूर्तिरेका ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।१३।।
**********************"********
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ

लग्नं सदा भवतु मातरिदं तवार्धं
तेजः परं बहुलकुङ्कुम पङ्कशोणम् ।
भास्वत्किरीटममृतांशुकलावतंसं
मध्ये त्रिकोणनिलयं परमामृतार्द्रम् ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।१४।।
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ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।

ह्रींकारमेव तव नाम तदेव रूपं
त्वन्नाम दुर्लभमिह त्रिपुरे गृणन्ति ।
त्वत्तेजसा परिणतं वियदादिभूतं
सौख्यं तनोति सरसीरुहसम्भवादेः ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।१५।।
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ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः ।
ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः ।
ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ

ह्रींकारत्रयसम्पुटेन महता मन्त्रेण सन्दीपितं
स्तोत्रं यः प्रतिवासरं तव पुरो मातर्जपेन्मन्त्रवित् ।
तस्य क्षोणिभुजो भवन्ति वशगा लक्ष्मीश्चिरस्थायिनी
वाणी निर्मलसूक्तिभारभरिता जागर्ति दीर्घं वयः ॥

ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी
सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।।

ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै
महालक्ष्म्यै नमः।।१६_
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