।।षोडशीत्रिपुरसुंदरी_स्तोत्र।। (सम्पुटित कल्याणवृष्टिस्तवः) ॐ श्रीं श्रीविद्यायै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं सर्व काम्य सिद्धि त्रिपुरसुंदर्यै फट्। ॐ भगवति त्रिपुरसुंदरी मम् सर्वकार्य सिद्बिम् देही देही नमः। ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महात्रिपुरसुन्दर्यै नमः। ॐ ह्रीं राजराजेश्वर्यै नमः ~ (षोडशी त्रिपुरसुंदरी स्तोत्र)~ ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । कल्याणवृष्टिभिरिवामृतपूरिताभि- र्लक्ष्मीस्वयंवरणमङ्गलदीपिकाभिः । सेवाभिरम्ब तव पादसरोजमूले नाकारि किं मनसि भाग्यवतां जनानाम्॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।१।। ***************** ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । एतावदेव जननि स्पृहणीयमास्ते त्वद्वन्दनेषु सलिलस्थगिते च नेत्रे । सान्निध्यमुद्यदरुणायुतसोदरस्य त्वद्विग्रहस्य परया सुधयाप्लुतस्य ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।२।। *********************** ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ईशात्वनामकलुषाः कति वा न सन्ति ब्रह्मादयः प्रतिभवं प्रलयाभिभूताः । एकः स एव जननि स्थिरसिद्धिरास्ते यः पादयोस्तव सकृत्प्रणतिं करोति ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।३।। ***************"****"******* ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ लब्ध्वा सकृत्त्रिपुरसुन्दरि तावकीनं कारुण्यकन्दलितकान्तिभरं कटाक्षम् । कन्दर्पकोटिसुभगास्त्वयि भक्तिभाजः संमोहयन्ति तरुणीर्भुवनत्रयेऽपि ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।४।। ****************************** ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ह्रींकारमेव तव नाम गृणन्ति वेदा मातस्त्रिकोणनिलये त्रिपुरे त्रिनेत्रे । त्वत्संस्मृतौ यमभटाभिभवं विहाय दीव्यन्ति नन्दनवने सह लोकपालैः ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।५।। ********************"* ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । हन्तुः पुरामधिगलं परिपीयमानः क्रूरः कथं न भविता गरलस्यवेगः । नाश्वासनाय यदि मातरिदं तवार्धं देवस्य शश्वदमृताप्लुतशीतलस्य ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।६।। *************************** ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ सर्वज्ञतां सदसि वाक्पटुतां प्रसूते देवि त्वदङ्घ्रिसरसीरुहयोः प्रणामः । किं च स्फुरन्मुकुटमुज्ज्वलमातपत्रं द्वे चामरे च महतीं वसुधां ददाति ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।७।। ****************************" ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ कल्पद्रुमैरभिमतप्रतिपादनेषु कारुण्यवारिधिभिरम्ब भवत्कटाक्षैः । आलोकय त्रिपुरसुन्दरि मामनाथं त्वय्येव भक्तिभरितं त्वयि बद्धतृष्णम् ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।८।। ******************************* ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । हन्तेतरेष्वपि मनांसि निधाय चान्ये भक्तिं वहन्ति किल पामरदैवतेषु । त्वामेव देवि मनसा समनुस्मरामि त्वामेव नौमि शरणं जननि त्वमेव ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।९।। ******************************* ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । लक्ष्येषु सत्स्वपि कटाक्षनिरीक्षणाना- मालोकय त्रिपुरसुन्दरि मां कदाचित् । नूनं मया तु सदृशः करुणैकपात्रं जातो जनिष्यति जनो न च जायते वा ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।१०।। *---+----------------------------- ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ह्रींह्रीमिति प्रतिदिनं जपतां तवाख्यां किं नाम दुर्लभमिहत्रिपुराधिवासे । मालाकिरीटमदवारणमाननीया तान्सेवते वसुमती स्वयमेव लक्ष्मीः ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।११।। ************************ ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ सम्पत्कराणि सकलेन्द्रियनन्दनानि साम्राज्यदाननिरतानि सरोरुहाक्षि । त्वद्वन्दनानि दुरिताहरणोद्यतानि मामेव मातरनिशं कलयन्तु नान्यम् ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।१२।। ********************"******* ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ कल्पोपसंहृतिषु कल्पितताण्डवस्य देवस्य खण्डपरशोः परभैरवस्य । पाशाङ्कुशैक्षवशरासनपुष्पबाणा सा साक्षिणी विजयते तव मूर्तिरेका ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।१३।। **********************"******** ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ लग्नं सदा भवतु मातरिदं तवार्धं तेजः परं बहुलकुङ्कुम पङ्कशोणम् । भास्वत्किरीटममृतांशुकलावतंसं मध्ये त्रिकोणनिलयं परमामृतार्द्रम् ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।१४।। ************************ ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ह्रींकारमेव तव नाम तदेव रूपं त्वन्नाम दुर्लभमिह त्रिपुरे गृणन्ति । त्वत्तेजसा परिणतं वियदादिभूतं सौख्यं तनोति सरसीरुहसम्भवादेः ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।१५।। ************************** ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः। ॐ ऐं ह्री श्रीं श्रीललितायै नमः । ॐ भगवति त्रिपुरसुन्दरी मम् सर्व कार्य सिद्धिम् देही देही कामेश्वर्यै नमः । ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ह्रींकारत्रयसम्पुटेन महता मन्त्रेण सन्दीपितं स्तोत्रं यः प्रतिवासरं तव पुरो मातर्जपेन्मन्त्रवित् । तस्य क्षोणिभुजो भवन्ति वशगा लक्ष्मीश्चिरस्थायिनी वाणी निर्मलसूक्तिभारभरिता जागर्ति दीर्घं वयः ॥ ॐ श्रीं ह्रीं क्लींं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं हसकहल ह्रीं स क ल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । ॐ क्लीं क्लींं क्लींं श्रींं श्रींं श्रींं ह्रींं ह्रींं ह्रींं त्रिपुरसुन्दरी सर्व जगत मम वश्यम् कुरु कुरु मह्यं बलं देहि स्वाहा।। ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वमंगला राजराजेश्वरी महालक्ष्म्यै नमः। ॐ रींग रींग श्रींग श्रींग ऐंग ऐंग क्लींग क्लींग श्रींग शांकरायै महालक्ष्म्यै नमः।।१६_ ****************************** ।।इति श्री सम्पुटित कल्याणवृष्टिस्तवः।।