॥ श्री बुध स्तोत्रम् ॥

॥ श्री बुध स्तोत्रम् ॥

न्यासः

ॐ अस्य श्री-बुध-स्तोत्र-महामन्त्रस्य वसिष्ठः ऋषिः
अनुष्टुप् छन्दः बुधः देवता बुध-प्रीत्यर्थे जपे विनियोगः ॥

ध्यानम् :

भुजैः चतुर्भिः वरद अभय असि गदं वहन्तम्
सुमुखम् प्रशान्तम् ।
पीत-प्रभम् चन्द्र-सुतम् सुर-ईड्यम् सिंहे निषण्णम् बुधम् आश्रयामि ॥

बुध स्तोत्रम्:

पीत-अम्बरः पीत-वपुः ।
पीत-ध्वज-रथ-स्थितः ।
पीयूष-रश्मि-तनयः ।
पातु माम् सर्वदा बुधः ॥ १॥

सिंह-वाहनम् सिद्ध-नुतम् ।
सौम्यम् सौम्य-गुण-अन्वितम् ।
सोम-सूनुम् सुर-आराध्यम् ।
सर्व-दम् सौम्यम् आश्रये ॥ २॥

बुधम् बुद्धि-प्रदाता-रम् ।
बाण-बाण-आसन-उज्ज्वलम् ।
भद्र-प्रदम् भीति-हरम् ।
भक्त-पालनम् आश्रये ॥ ३॥

आत्रेय-गोत्र-सञ्जातम् ।
आश्रित-आर्ति-निवारणम् ।
आदितेय-कुल-आराध्यम् ।
आशु-सिद्धि-दम् आश्रये ॥ ४॥

कला-निधि-तनू-जातम् ।
करुणा-रस-वारिधिम् ।
कल्याण-दायिनम् नित्यम् ।
कन्या-राशि-अधिपम् भजे ॥ ५॥

मन्द-स्मित-मुख-अम्भोजम् ।
मन्मथ-आयुत-सुन्दरम् ।
मिथुन-अधीशम् अनघम् ।
मृग-अङ्क-तनयम् भजे ॥ ६॥

चतु-र्भुजम् चारु-रूपम् ।
चर-अचर-जगत्-प्रभुम् ।
चर्म-खड्ग-धरम् वन्दे ।
चन्द्र-ग्रह-तनू-भवम् ॥ ७॥

पञ्च-आस्य-वाहन-गतम् ।
पञ्च-पातक-नाशनम् ।
पीत-गन्धम् पीत-माल्यम् ।
बुधम् बुध-नुतम् भजे ॥ ८॥

बुध-स्तोत्रम् इदम् गुह्यम् ।
वसिष्ठेन उदितम् पुरा ।
यः पठेत् शृणुयात् वा अपि ।
सर्व-अभीष्टम् वाप्नुयात् ॥ ९॥

।। इति श्री-बुध-स्तोत्रम् सम्पूर्णम् ।।

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भावार्थ

🌿 बुध स्तोत्र

(सामान्यतः प्रयुक्त: बुध पंचविंशति / बुध बीज / बुध गायत्री सहित स्तुति)

बुध देव बुद्धि, वाणी, व्यापार, गणित, तर्क, स्मरणशक्ति और चतुराई के कारक ग्रह हैं।

पूजन विधि


🔱 बुध स्तोत्र का प्रयोग (कैसे करें)

✅ श्रेष्ठ दिन

बुधवार (सबसे उत्तम)

शुक्ल पक्ष में और भी शुभ

✅ समय

सूर्योदय के बाद

या बुध होरा में

✅ आसन और दिशा

हरे कपड़े या कुशासन पर बैठें

मुख पूर्व या उत्तर दिशा में

✅ सामग्री (सरल)

बुध देव का चित्र या प्रतिमा

हरे फूल / दूर्वा

हरी मूंग

घी का दीपक

चंदन

✅ जप विधि

1. पहले 3 बार

ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः॥

2. फिर बुध स्तोत्र का पाठ

3. अंत में 1 बार प्रार्थना

📿 संख्या

1 बार (सामान्य)

3 / 7 / 11 बार (विशेष)

21 दिन या 45 दिन का अनुष्ठान बहुत फलदायी

लाभ एवं महत्व

🌟 बुध स्तोत्र के लाभ

🧠 1. बुद्धि और स्मरणशक्ति में वृद्धि

पढ़ाई में तेज़ी

भूलने की समस्या कम

गणित, अकाउंट, लॉजिक में सुधार

🗣️ 2. वाणी दोष समाप्त

हकलाना

गलत बोल जाना

कठोर वाणी
➡ वाणी मधुर, प्रभावशाली बनती है

💼 3. व्यापार और नौकरी में लाभ

व्यापार में समझदारी

सही निर्णय

सौदे में फायदा

कम्युनिकेशन स्किल मजबूत

📉 4. कुंडली के बुध दोष में शांति

बुध नीच

बुध अस्त

बुध पाप ग्रहों से पीड़ित
➡ स्तोत्र से ग्रह पीड़ा कम होती है

😌 5. मानसिक तनाव और भ्रम दूर

ओवरथिंकिंग कम

निर्णय में स्पष्टता

मन स्थिर रहता है

👶 6. बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी

पढ़ाई में मन लगना

बुद्धि विकास

बोलने की समस्या में सुधार

🧿 7. त्वचा, नसों और नर्वस सिस्टम पर सकारात्मक प्रभाव

त्वचा की चमक

घबराहट में कमी

हाथों का कांपना कम

⚠️ ध्यान रखने योग्य बातें

बुध स्तोत्र शांत मन से करें

झूठ, छल, कटु वाणी से बचें

बुधवार को हरा दान शुभ